Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के चलते हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हुई हैं, जबकि मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांव प्रभावित हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 28 सितंबर को उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। वहीं, हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।
हिमाचल के शिमला में पहाड़ गिरा, सड़क बंद
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में सोमवार सुबह रोहड़ू के छोहारा ब्लॉक में जंगलिख पुल के पास लैंडस्लाइड हुआ। बताया गया कि 100 फीट से अधिक ऊंचा पहाड़ी हिस्सा करीब 25 से 26 सेकंड तक गिरता रहा। भूस्खलन का मलबा सड़क पर आ जाने के कारण गांव का रास्ता बंद हो गया। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई है। हिमाचल में मौसम में बदलाव के कारण कई इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी दर्ज की जा रही है।
यूपी में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। गोंडा और बदायूं में छोटे पुलों के ऊपर से पानी बहने की जानकारी सामने आई है। कुशीनगर में दो गांवों के करीब 1,400 परिवार बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। कई प्रभावित परिवारों ने सुरक्षित स्थानों और तटबंधों पर शरण ली है। प्रदेश में पिछले दिनों भारी बारिश और आंधी-तूफान के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि, 28 सितंबर को IMD के ताजा उपखंडीय पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, नेपाल से भारी मात्रा में पानी
नेपाल के तराई क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद उत्तर बिहार की नदियों में पानी बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई है। पश्चिम चंपारण और सुपौल समेत कई इलाकों में गांव प्रभावित बताए गए हैं। आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन से 6.52 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जिसे 1999 के रिकॉर्ड से अधिक बताया गया है। पानी बढ़ने के कारण उत्तर बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
केदारनाथ मार्ग पर लैंडस्लाइड, 1500 श्रद्धालु सुरक्षित निकाले गए
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा के पास लैंडस्लाइड के बाद करीब 1,500 श्रद्धालु फंस गए थे। SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को प्रभावित हिस्से से सुरक्षित निकाला और गौरीकुंड की ओर पहुंचाया। लैंडस्लाइड वाले हिस्से में लगातार पत्थर गिरने के कारण रास्ता जोखिम भरा बना हुआ था। इसके बावजूद रेस्क्यू टीमों ने सावधानी से श्रद्धालुओं को मलबे वाले हिस्से से बाहर निकाला।
उत्तराखंड में 86 सड़कें बंद, सात जिलों में यलो अलर्ट
उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। आपके दिए अपडेट के अनुसार आदि कैलाश मार्ग समेत 86 सड़कें बंद हैं। इनमें चमोली की 21, नैनीताल की 18 और पिथौरागढ़ की 15 सड़कें शामिल हैं। IMD के 28 सितंबर के अपडेट में उत्तराखंड के लिए आज भारी बारिश की चेतावनी है। 29 सितंबर से उपखंड स्तर पर कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
छत्तीसगढ़ में बाढ़ और लैंडस्लाइड से रेल यातायात प्रभावित
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ा है। मल्लीगुड़ा और छत्रीपुट रेलवे स्टेशनों के बीच लैंडस्लाइड के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी खिसकने से पटरियां हवा में लटकी दिखाई दीं। इसके चलते इस रूट पर यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन प्रभावित होने की जानकारी है। लगातार बारिश से प्रदेश के कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ा है।
इंद्रावती नदी में फंसे 12 लोगों का IAF ने किया रेस्क्यू
दंतेवाड़ा के पास इंद्रावती नदी में बाढ़ के कारण 12 लोग फंस गए थे। ये लोग डोंगाघाट गांव के पास नदी किनारे बनी कच्ची झोपड़ी की छत पर फंसे हुए थे। बाढ़ का पानी बढ़ने से छत के गिरने का खतरा था। इसके बाद भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। एक गरुड़ कमांडो को छत पर उतारकर लोगों को सुरक्षित तरीके से हेलिकॉप्टर तक पहुंचाया गया।
राजस्थान में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
राजस्थान के कई जिलों में सोमवार को तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। श्रीगंगानगर में सुबह करीब 9:22 बजे तेज आंधी चली। आंधी के दौरान आसमान में अंधेरा छा गया और इसके बाद बूंदाबांदी हुई।
हिमाचल में बारिश-बर्फबारी से तापमान गिरा
हिमाचल प्रदेश में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। किन्नौर के कल्पा में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। मौसम में आए बदलाव के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सितंबर के दौरान ही ठंड का असर महसूस किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में मानसून विदाई की ओर
मध्य प्रदेश में मानसून का दौर अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। आपके दिए मौसम अपडेट के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 37.7 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य कोटे का लगभग 95.8 प्रतिशत है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है। उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में मंगलवार से तेज धूप निकलने की संभावना है।
मौसम का असर कई राज्यों में
लगातार बारिश और बदलते मौसम के बीच प्रशासन और राहत एजेंसियों की चुनौती बढ़ गई है। पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड से सड़कें प्रभावित हैं, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है।
