पटना। बिहार की राजनीति का सबसे चर्चित सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड एक बार फिर सियासी विवाद के केंद्र में आ गया है। बिहार सरकार के डेयरी, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा आवास खाली नहीं करने संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे दलित सम्मान से जोड़ दिया है।
मंत्री नंद किशोर राम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार सरकार ने उन्हें आधिकारिक तौर पर वही आवास आवंटित किया है, जिसमें वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी रह रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक कोई सरकारी आवास आवंटित नहीं था, इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है।
नंद किशोर राम ने कहा, “मुझे सरकार द्वारा आवास आवंटित किया गया है, लेकिन राबड़ी देवी का कहना है कि वह इसे खाली नहीं करेंगी। मैं दलित समाज से आता हूं और रामनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित जनप्रतिनिधि हूं। मुझे ऐसा लगता है कि मेरा दलित होना ही इस पूरे विवाद का कारण बन रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि रामनगर विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है और वह राज्य सरकार में मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। मंत्री ने दावा किया कि यदि मामला किसी अन्य व्यक्ति से जुड़ा होता तो सरकार के निर्देशों का पालन कर लिया जाता, लेकिन उनके मामले में अलग रवैया अपनाया जा रहा है।
राबड़ी देवी का दो टूक जवाब
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को आवास खाली कराना है तो प्रशासनिक बल का इस्तेमाल कर सकती है। राबड़ी देवी ने तंज कसते हुए कहा, “नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं सम्राट चौधरी, अगर खाली कराना है तो करा लें। हम खुद से नहीं छोड़ेंगे।”
राबड़ी देवी की पुत्री रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी में हिम्मत है तो बंगला खाली कराकर दिखाए।
सरकार के नोटिस के बावजूद नहीं खाली हुआ आवास
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने राबड़ी देवी को पहले ही 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित कर दिया है। इसके बावजूद सरकार की ओर से कई बार नोटिस जारी कर 10 सर्कुलर रोड खाली करने का निर्देश दिया जा चुका है। हालांकि अब तक इस आदेश का पालन नहीं हो पाया है।
इस मुद्दे पर जदयू नेता नीरज कुमार भी लगातार सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर सरकार के बार-बार नोटिस देने के बावजूद आवास खाली क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कहीं इस आवास परिसर में महत्वपूर्ण दस्तावेज या जमीन से जुड़े कागजात तो नहीं छिपाए गए हैं।
राबड़ी देवी के समर्थन में उतरे पप्पू यादव
इस बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी राबड़ी देवी के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपील करते हुए कहा कि जिस मंत्री को यह आवास आवंटित किया गया है, उन्हें कोई अन्य सरकारी आवास उपलब्ध करा दिया जाए। पप्पू यादव ने कहा, “राबड़ी देवी केवल लालू परिवार की नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए मां के समान हैं। उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए जिससे उन्हें अपमानित महसूस हो।”
राजनीतिक तापमान बढ़ा
10 सर्कुलर रोड को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर सरकार आवंटन और प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला दे रही है, वहीं दूसरी ओर राजद इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बता रहा है। ऐसे में यह आवास विवाद अब केवल सरकारी आवंटन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि बिहार की राजनीति में प्रतिष्ठा, सत्ता और सामाजिक विमर्श का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
