Anmol Sandesh News Desk, नेपाल-तिब्बत बॉर्डर
नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के तेज बहाव में पुल, सड़कें और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इस आपदा के बीच 130 से ज्यादा भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के साथ पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं।नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। भारतीय दूतावास के साथ कई राज्यों की सरकारों ने भी अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और परिजनों की मदद के लिए हेल्पलाइन शुरू की है।
किन राज्यों के कितने लोग लापता?
तमिलनाडु
तमिलनाडु से नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 से संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि 20 लोगों से संपर्क होने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि ये लोग हिमालय क्षेत्र के एक मंदिर की ओर जा रहे थे।
ईशा फाउंडेशन
ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 लोगों के भी अब तक संपर्क में नहीं आने की जानकारी सामने आई है। नेपाल सरकार के मुताबिक सीमा क्षेत्र के इमिग्रेशन सेंटर के कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पाया है।
पश्चिम बंगाल
कोलकाता से गया 32 लोगों का ग्रुप भी लापता बताया जा रहा है। इसमें 30 पर्यटक और 2 टूर मैनेजर शामिल हैं। यह समूह 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और नेपाल-तिब्बत सीमा स्थित इमिग्रेशन ऑफिस पहुंचने के बाद उनसे संपर्क टूट गया।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के 7 लोगों में से 4 से संपर्क हो चुका है, जबकि बाकी 3 लोगों से संपर्क की कोशिश जारी है।
कैलाश मानसरोवर यात्रियों की भी चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। बाढ़ के बाद कई इलाकों में संचार और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने के कारण लापता लोगों की जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए नेपाल सेना और अन्य सर्च एवं रेस्क्यू एजेंसियां अभियान
हेल्पलाइन से मिलेगी मदद
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों ने अपने नागरिकों के लिए सहायता व्यवस्था शुरू की है।
