Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन ने सरकार के कामकाज की समीक्षा को लेकर दो दिन तक मैराथन बैठक की। रायपुर स्थित भाजपा मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मंगलवार और बुधवार को सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक चली बैठकों में प्रदेश के 36 जिलों से जुड़े संगठन पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और प्रभारी मंत्रियों से अलग-अलग चर्चा की गई।
36 जिलों से लिया गया जमीनी फीडबैक
बैठक के पहले दिन 16 जिलों और दूसरे दिन 20 जिलों के पदाधिकारियों से फीडबैक लिया गया। इसमें संबंधित जिलों और विधानसभा क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, जनप्रतिनिधियों के प्रवास, कार्यकर्ताओं की दिक्कतों और सरकारी कामकाज की स्थिति पर चर्चा हुई।संगठन ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि पार्टी द्वारा नियुक्त जिला प्रभारी और जिलाध्यक्षों की बातों को गंभीरता से सुना जाए और जनता से जुड़े मामलों का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।
‘मंत्री फोन नहीं उठाते’—बैठक में शिकायत
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, कुछ जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों ने बैठक में मंत्रियों के फोन नहीं उठाने की शिकायत भी रखी। पदाधिकारियों का कहना था कि कई बार समस्याओं की जानकारी देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती।बैठक में अफसरशाही को लेकर शिकायतों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा धान खरीदी, बिजली बिल और आम जनता से जुड़े कई मुद्दों पर संगठन ने जिलों से फीडबैक लिया।
पहले भी दिए गए थे निर्देश
बताया जा रहा है कि संगठन इससे पहले भी मंत्रियों के साथ बैठक कर चुका है। उस दौरान तय किया गया था कि जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सांसद और विधायकों की अनुशंसाओं पर मंत्री स्तर पर विचार किया जाएगा और जनता से जुड़े मामलों का निर्धारित समय में निराकरण किया जाएगा।कार्यकर्ताओं की समस्याओं के लिए ‘सहयोग केंद्र’ भी शुरू किया गया था, लेकिन संगठन को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद अब दोबारा जमीनी स्तर पर समीक्षा की गई।
दिल्ली तक पहुंच रहा फीडबैक?
भाजपा सूत्रों का दावा है कि राज्य सरकार के कामकाज और संगठन से जुड़ी शिकायतों का फीडबैक राष्ट्रीय नेतृत्व तक भी पहुंच रहा है। केंद्रीय संगठन के निर्देश के बाद इस बैठक को सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आगे भी सरकार के कामकाज की समीक्षा जारी रह सकती है और अपेक्षित सुधार नहीं होने पर संगठन स्तर पर बड़े फैसले लिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी बैठक में पहुंचे
दो दिवसीय बैठक के पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए। उनके सामने जिलों से जुड़ी समस्याएं और संगठन का फीडबैक रखा गया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों को भी जरूरत के अनुसार बैठक में बुलाया गया। भाजपा ने बैठक को गोपनीय रखा। पार्टी की ओर से न तो तस्वीरें जारी की गईं और न ही कोई विस्तृत आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति सामने आई। हालांकि, पार्टी नेताओं के मुताबिक यह बैठक सरकार और संगठन दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही।
