Anmol Sandesh News Desk, इंदौर/भोपाल
MP News: मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ सरकार ने अब अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर दौरे के दौरान कहा कि संगठित अपराध और ड्रग्स नेटवर्क को खत्म करने के लिए सात राज्यों की पुलिस मिलकर संयुक्त कार्रवाई कर रही है।इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने हाल ही में इंदौर में हुई सात राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
2029 तक संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2029 तक संगठित अपराध पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाना है।उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार के साथ-साथ दूसरे संगठित अपराधों में शामिल गैंग और सिंडिकेट के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।सरकार का फोकस सिर्फ अपराधियों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध के पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर है।
7 राज्यों की पुलिस के बीच बढ़ेगा समन्वय
नशे और संगठित अपराध का नेटवर्क अक्सर एक राज्य तक सीमित नहीं रहता। इसी को ध्यान में रखते हुए सात राज्यों के बीच पुलिस और जांच एजेंसियों के स्तर पर बेहतर समन्वय की दिशा में काम किया जा रहा है।सीएम के मुताबिक राज्यों के बीच सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई से ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकेगा।इसका मकसद उन गैंग और सिंडिकेट की सप्लाई चेन को तोड़ना है, जो अलग-अलग राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाकर काम करते हैं।
ड्रग्स नेटवर्क पर खास नजर
मध्य प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस पहले से कार्रवाई कर रही है। अब अंतरराज्यीय सहयोग के जरिए इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस का फोकस—
* नशे की सप्लाई चेन
* तस्करी से जुड़े नेटवर्क
* संगठित गैंग
* सिंडिकेट
* आर्थिक नेटवर्क
पर कार्रवाई करने की दिशा में रहेगा।सीएम ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने कई गिरोहों पर शिकंजा कसते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके नेटवर्क को तोड़ने का काम किया जा रहा है।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, नेटवर्क खत्म करने पर जोर
सरकार की रणनीति में सबसे अहम बात यह है कि कार्रवाई केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित न रहे।नशे और संगठित अपराध के पीछे काम करने वाले पूरे नेटवर्क और सिंडिकेट को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की जाए।सात राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से पुलिस को अपराधियों की गतिविधियों, उनके नेटवर्क और दूसरे राज्यों से जुड़े कनेक्शन की जानकारी तेजी से मिल सकती है।
आज CM मोहन यादव का क्या है कार्यक्रम?
मुख्यमंत्री का इंदौर दौरा कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ा रहा।इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मीडिया से बातचीत की।इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल पहुंचने वाले हैं।भोपाल में इन दिनों BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित हो रही है, जिसके चलते मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS बैठक के बीच भोपाल पर दुनिया की नजर
भोपाल में चल रही BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच संस्कृति, सहयोग और साझा विरासत से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है।ऐसे में मुख्यमंत्री मोहन यादव का भोपाल कार्यक्रम इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
MP में नशे और गैंग नेटवर्क पर बड़ा वार!
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संगठित अपराध के खिलाफ सरकार का लक्ष्य स्पष्ट करते हुए कहा है कि 2029 तक प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में काम जारी है।अब सात राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त कार्रवाई के जरिए ड्रग्स नेटवर्क तथा संगठित अपराध से जुड़े गैंग-सिंडिकेट पर शिकंजा कसने की तैयारी है।अब बड़ा सवाल—क्या राज्यों के बीच यह संयुक्त रणनीति नशे के कारोबार और संगठित अपराध की जड़ों तक पहुंच पाएगी?
