Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर कई इलाकों में सक्रिय नजर आ रहा है। शनिवार 8 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी हो सकती है।मौसम को देखते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें, क्योंकि कई जगह अचानक बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट
शनिवार को मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है।इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने जैसी मौसमी गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।बारिश के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
इन जिलों में भी बारिश के आसार
राजगढ़, नर्मदापुरम, नीमच, गुना, रीवा, मऊगंज और सागर में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है।इन इलाकों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
कई जगह गरज-चमक और बिजली का खतरा
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।ऐसे मौसम में खासकर दोपहिया वाहन चालकों और खुले मैदान में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।अचानक तेज बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।
इन जिलों में बादल छाए रहेंगे, बारिश कम होने के आसार
मध्य प्रदेश के अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम बताई गई है।हालांकि इन क्षेत्रों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।
क्यों बन रहा बारिश का मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।इसके अलावा एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी सक्रिय बताया गया है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी आ रही है, जिससे मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है।
पूर्वी MP में बारिश की कमी बनी चिंता
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।जानकारी के मुताबिक जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अब तक करीब 23% बारिश ही दर्ज हुई है। इसे इस सीजन में प्रदेश के सबसे कम बारिश वाले हिस्सों में बताया जा रहा है।वहीं प्रदेश के 49 जिलों में 5% से 48% तक बारिश की कमी दर्ज होने की बात सामने आई है।इससे कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात की चिंता बढ़ रही है। हालांकि किसी जिले को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया मानसून समाप्त होने के बाद ही होती है।
कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
जहां पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्से बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में स्थिति इसके उलट है।ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन में औसत से अधिक बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।यानी प्रदेश में मानसून का असर एक समान नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में काफी अलग दिखाई दे रहा है।
बारिश के दौरान रखें ये सावधानियां
* घर से निकलते समय छाता या रेनकोट रखें।
* गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें।
* तेज हवा में पेड़ और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े न हों।
* भारी बारिश में वाहन धीमी गति से चलाएं।
* स्थानीय मौसम अलर्ट और प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखें।
MP में फिर बदला मौसम का मिजाज!
पन्ना-सतना-रीवा में भारी बारिश का अलर्ट, जबकि कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। ऐसे में अगर आज घर से निकल रहे हैं तो छाता और रेनकोट साथ रखना न भूलें।
