Saturday, August 29, 2026
Homeअन्य राज्यसावन में महाकाल के दरबार में आस्था का महासैलाब, पहली बार 1.53...

सावन में महाकाल के दरबार में आस्था का महासैलाब, पहली बार 1.53 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 2025 के मुकाबले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा

Anmol Sandesh News Desk, उज्जैन

सावन का पवित्र महीना इस बार बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए ऐतिहासिक बन गया। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन के दौरान आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि श्रद्धालुओं की संख्या ने अब तक के कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। पहली बार सावन माह में महाकाल मंदिर और उससे जुड़े प्रमुख धार्मिक आयोजनों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या डेढ़ करोड़ का आंकड़ा पार कर 1 करोड़ 53 लाख 75 हजार तक पहुंच गई।

इस वर्ष सबसे अधिक भीड़ सावन के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त 2026 को देखने को मिली। खास बात यह रही कि इसी दिन नागपंचमी भी थी। सावन सोमवार और नागपंचमी का एक साथ पड़ना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक अवसर बन गया। बड़ी संख्या में भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के साथ वर्ष में केवल एक बार खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए भी उज्जैन पहुंचे।

महाकाल मंदिर समिति ने जारी किए आंकड़े

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, सावन माह में महाकालेश्वर के दर्शन के लिए 1 करोड़ 10 लाख 90 हजार 725 श्रद्धालु पहुंचे। वहीं चार सवारी और नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 43 लाख 75 हजार रही।

दोनों आंकड़ों को मिलाने पर कुल संख्या 1 करोड़ 53 लाख 75 हजार श्रद्धालु तक पहुंचती है। यह आंकड़ा अपने आप में उज्जैन की धार्मिक लोकप्रियता और सावन के दौरान महाकाल दर्शन के लिए उमड़ने वाली आस्था का बड़ा प्रमाण है।

पिछले वर्ष यानी 2025 के श्रावण माह में करीब 72 लाख श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन किए थे। इस लिहाज से इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

5 लाख से ज्यादा कावड़िए भी पहुंचे

सावन के दौरान उज्जैन में केवल सामान्य श्रद्धालुओं की ही भीड़ नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में कावड़िए भी बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 5 लाख से ज्यादा कावड़ियों ने उज्जैन पहुंचकर धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर और प्रशासन की ओर से भोजन एवं अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं। करीब 3 लाख 41 हजार 83 श्रद्धालुओं ने अन्नक्षेत्र में भोजन प्रसादी ग्रहण की। वहीं 2 लाख 71 हजार 956 कावड़ियों के लिए पांच अलग-अलग स्थानों पर भोजन की व्यवस्था की गई।

यात्रियों की सुविधा को देखते हुए करीब 10 हजार श्रद्धालुओं को निःशुल्क चरण पादुका भी वितरित की गईं। इसके अलावा 5 लाख 66 हजार 350 भक्तों ने शीघ्र दर्शन टिकट के माध्यम से बाबा महाकाल के दर्शन किए।

मंदिर समिति की आय में भी बड़ा इजाफा

श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या का असर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की आय पर भी दिखाई दिया। सावन माह में समिति को विभिन्न व्यवस्थाओं और सेवाओं से कुल 14 करोड़ 22 लाख 37 हजार 500 रुपये की आय प्राप्त हुई।

वहीं बाबा महाकाल की प्रसिद्ध लड्डू प्रसादी की बिक्री से ही मंदिर समिति को करीब 10.32 करोड़ रुपये की आय हुई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सावन के दौरान उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की गतिविधियां किस बड़े स्तर पर रहीं।

साल में एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट

महाकाल मंदिर की धार्मिक परंपराओं में नागचंद्रेश्वर मंदिर का विशेष महत्व है। मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर स्थित है और इसके कपाट वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं।

इसी वजह से नागपंचमी के दिन देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। इस बार नागपंचमी का पर्व 17 अगस्त को सोमवार के दिन पड़ा। एक ओर सावन का तीसरा सोमवार और दूसरी ओर नागपंचमी होने के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक काफी बढ़ गई।

भारी भीड़ के चलते कुछ समय के लिए दबाव की स्थिति भी बनी, लेकिन प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं के चलते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और बाद में दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से चलती रही।

महाकाल की नगरी में सावन बना यादगार

इस पूरे सावन के दौरान उज्जैन में धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला लगातार जारी रहा। बाबा महाकाल की सवारी, नागचंद्रेश्वर दर्शन, कावड़ यात्राएं और सावन सोमवार के कारण शहर में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। 1 करोड़ 53 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आंकड़ा उज्जैन के धार्मिक पर्यटन के लिए एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है। महाकाल की नगरी में उमड़ी यह आस्था न केवल मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि उज्जैन को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular